तुलसी तिवारी के छोटे भाई आदित्य नारायण तिवारी कबीर की 9 अक्टूबर 2019 को बस्ती के रणजीत चौराहे पर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। कबीर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से छात्रसंघ अध्यक्ष थे। इस जघन्य हत्या ने पूरे जिले में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी, जिसके बाद बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन और हड़ताल हुई थी।
उस समय तत्कालीन कानून मंत्री और अब उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, साथ ही जितिन प्रसाद समेत कई प्रमुख नेता तुलसी तिवारी के घर पहुंचे थे और न्याय का आश्वासन दिया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने का भी वादा किया गया था, लेकिन बाद में जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई, जिससे परिवारजन संतुष्ट नहीं हैं।

न्याय की आस में तुलसी तिवारी ने 15 अगस्त को बस्ती से दिल्ली तक पदयात्रा शुरू की थी। इस संघर्ष यात्रा के 12वें दिन, जब वह शाहजहांपुर पहुंचे, तो उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के आवास पर धरना दिया और राष्ट्रपति भवन में ज्ञापन भी सौंपा। आज, तुलसी तिवारी ने लखनऊ में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात की और अपने भाई की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की। उप मुख्यमंत्री ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
तुलसी तिवारी का यह संघर्ष न्याय की मांग को लेकर जारी है, और उन्होंने अपने भाई के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया है।

