शाहजहांपुर: आदित्य नारायण तिवारी ‘कबीर’ की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए उनके बड़े भाई विवेक नारायण त्रिपाठी तुलसी ने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को एक कड़ा पत्र भेजा है। उन्होंने 2019 में हुई इस हत्या की सीबीआई जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वह आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
पत्र में विवेक नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि उनके भाई की दिनदहाड़े हत्या के बाद सरकार ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि नामजद आरोपियों को जिला न्यायालय से बरी कर दिया गया है, जिससे उनके परिवार को गहरा आघात लगा है।
विवेक नारायण त्रिपाठी ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने न्याय के लिए दिल्ली तक पद यात्रा शुरू की है और शाहजहांपुर पहुंचने पर उन्हें एहसास हुआ कि जिन नेताओं ने न्याय का वादा किया था, उन्होंने अब इस मामले को भुला दिया है।

पत्र में दो मुख्य मांगें की गई हैं:
- कबीर के हत्याकांड की CBI जाँच कराई जाए। आप हमें गृह मंत्रालय तक पहुँचाए ताकि हम वहां इस विषय पर चर्चा कर सकें ।
- यदि यह संभव नहीं , आप खुद को ब्राह्मण नेता कहते हैं इसलिए आपके लिए ब्राह्मण युवाओं का खून लेकर आया हूं जिससे आप तिलक करवा लें और लिखित दें कि मामले में आप हमारी कोई मदद कर पाने में असमर्थ हैं ।
तुलसी ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो वह अपने साथियों के साथ मंत्री जी के दरवाजे पर आमरण अनशन करेंगे। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है और मंत्री जी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
शाहजहांपुर में इस पत्र की खबर ने हलचल मचा दी है, और सभी की निगाहें अब केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या सरकार इस मामले में न्याय दिलाने के लिए आगे आएगी या फिर इस न्याय यात्रा का अगला कदम क्या होगा, यह देखना बाकी है।

