मथुरा: श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पहले मथुरा में हुई भारी बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के तमाम दावों को धराशायी कर दिया है। शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया और सड़कों की स्थिति बदतर हो गई। कुछ स्थानों पर सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की भी खबरें आई हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को अपनी गाड़ियाँ खींचकर ले जाने पर मजबूर होना पड़ा।
शहर के प्रमुख स्थलों, जैसे मथुरा बस स्टैंड के पास स्थित रेलवे पुल के नीचे, पानी भर जाने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। यहाँ तक कि एक बस भी पानी में फंस गई, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बारिश ने जन्माष्टमी के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को भी गहरा झटका दिया है, जिससे आने वाले दिनों में शहर की स्थिति और खराब हो सकती है।

विशेष रूप से, 25 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे के ठीक पहले हुई इस बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। सोमवार को जन्माष्टमी का पर्व होने के कारण देशभर से श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं, लेकिन जलजमाव और सड़कों की खराब स्थिति ने उनकी यात्रा को मुश्किल बना दिया है।
मथुरा में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम द्वारा नालों की सफाई केवल कागजों तक ही सीमित रहती है, और इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है। बारिश के बाद जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण शहर की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन यह दावे अब पानी में बहते नजर आ रहे हैं।

आज की भारी बारिश ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर की जल निकासी व्यवस्था कितनी कमजोर है, और इससे निपटने के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे उपाय पर्याप्त नहीं हैं। जन्माष्टमी के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं और परीक्षा देने आए छात्रों को इस स्थिति से जूझना पड़ रहा है, जिससे उनकी कठिनाइयाँ और बढ़ गई हैं।
मथुरा की इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन भविष्य में इस तरह की आपात स्थितियों से निपटने के लिए सही मायने में तैयार है, या फिर हर बार की तरह लोग इसी तरह की समस्याओं का सामना करते रहेंगे?

