बस्ती, कबीर तिवारी हत्याकांड की CBI जाँच की माँग को लेकर उनके बड़े भाई, विवेक नारायण तिवारी, ने ‘कबीर न्याय यात्रा’ के माध्यम से न्याय की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। यह पदयात्रा एक शांतिपूर्ण मगर दृढ़ संकल्पित अभियान है, जो न्याय के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज यात्रा का पहला दिन बीत चुका है और विवेक नारायण तिवारी ने अब तक पैदल यात्रा करते हुए कप्तानगंज, महाराजगंज, हरैया, और छावनी जैसे कई स्थानों को पार करते हुए अयोध्या पहुँच चुके हैं।
न्याय की माँग—CBI जाँच का संकल्प
इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य कबीर तिवारी हत्याकांड की निष्पक्ष CBI जाँच की माँग करना है। विवेक नारायण तिवारी का कहना है कि वह इस लड़ाई को दिल्ली तक लेकर जाएँगे, ताकि इस मामले में न्याय सुनिश्चित हो सके। अयोध्या पहुँचने के बाद, विवेक तिवारी ने तुलसी उद्यान में कुछ देर विश्राम किया, जहाँ उन्होंने इस यात्रा के अगले चरण के लिए अपनी ऊर्जा को पुनः संचित किया।

अयोध्या में धार्मिक अनुष्ठान और आगे की यात्रा
विश्राम के बाद, विवेक तिवारी ने अयोध्या की पवित्र सरयू नदी में स्नान किया और इसके बाद बजरंग बली के मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हुए। इस धार्मिक अनुष्ठान ने उनकी यात्रा को एक आध्यात्मिक आयाम भी दिया है, जिसमें उन्होंने ईश्वर से इस संघर्ष में शक्ति और न्याय की प्राप्ति की प्रार्थना की। अयोध्या में उनके इस कार्य ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच एक अलग ही माहौल पैदा कर दिया, जहाँ न्याय की माँग में धार्मिक आस्था भी जुड़ गई है।

दिल्ली की ओर बढ़ता संकल्प
अयोध्या में धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने के बाद, विवेक तिवारी दिल्ली की ओर अपनी यात्रा को पुनः प्रारंभ करेंगे । उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा अटल है—वह दिल्ली से CBI जाँच का आदेश लेकर ही लौटेंगे। उनके इस संकल्प में न सिर्फ उनके परिवार का, बल्कि उन हजारों समर्थकों का भी समर्थन है, जो इस यात्रा में उनके साथ जुड़ें हैं।

कबीर तिवारी हत्याकांड की पृष्ठभूमि
कबीर तिवारी की 9 अक्टूबर 2019 को बस्ती के रंजीत चौराहे पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। हाल ही में बस्ती न्यायालय ने इस मामले में नामजद आरोपियों को बरी कर दिया, जिसके बाद विवेक तिवारी ने इस यात्रा की योजना बनाई। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने उनके विश्वास को हिला दिया है और अब वह इस मामले को दिल्ली तक ले जाकर CBI जाँच की माँग करेंगे।

अगले चरण में क्या?
अब देखना यह है कि दिल्ली पहुँचकर विवेक तिवारी इस मामले को कितनी गंभीरता से उठा पाते हैं और क्या केंद्र सरकार उनकी इस माँग को मानते हुए CBI जाँच का आदेश देगी। इस यात्रा का हर चरण न्याय की ओर बढ़ता एक कदम है, जो न केवल तिवारी परिवार के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है।

