बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक शर्मनाक घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़ा कर दिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के हरदिया स्थित बस्ती केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड आई सेंटर में एक वार्ड ब्वाय द्वारा महिला मरीज के ऑपरेशन का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है, बल्कि स्वास्थ्य महकमे को भी अलर्ट कर दिया है।
घटना का खुलासा
घटना उस समय प्रकाश में आई जब एक महिला का ऑपरेशन कर रहे वार्ड ब्वाय ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में वह महिला को निर्वस्त्र कर ऑपरेशन करते हुए दिख रहा है। यह वीडियो उसने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड कर दिया। जब कुछ लोगों ने वार्ड ब्वाय के स्टेटस को देखा तो वे सन्न रह गए। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से फैला, और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने वार्ड ब्वाय के इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिससे यह घटना सार्वजनिक हो गई।
स्वास्थ्य महकमे की कार्रवाई
इस घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रमाशंकर दूबे ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल एक जांच टीम गठित की और मामले की तह तक जाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि इस घटना की जांच के लिए मेडिकल ऑफिसर-इन-चार्ज (एमओआईसी) को अस्पताल भेजा गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. दूबे ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषी को सख्त से सख्त सजा मिलेगी।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
जब इस घटना के संबंध में बस्ती केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड आई सेंटर के संचालक संजय गौतम से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले की जांच करेगा और दोषी के खिलाफ आवश्यक कदम उठाएगा। हालांकि, इस बयान से स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। लोग अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों की निजता के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं।
प्रतिक्रिया और संभावित परिणाम
यह घटना बस्ती जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है। मरीजों की निजता और सुरक्षा की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होती है, लेकिन इस घटना ने उस जिम्मेदारी को तार-तार कर दिया है। अब इस मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे और इस शर्मनाक घटना से अस्पताल की साख पर क्या असर पड़ेगा। लेकिन इस बीच, यह घटना मरीजों और उनके परिवारों में भय और अविश्वास का माहौल पैदा कर गई है।

