लखनऊ: विभाजन विभीषिका दिवस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के विभाजन और वर्तमान में बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों के बीच समानता पर अपनी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर आवाज उठाई और सवाल किया कि तथाकथित सेकुलर लोग इन मुद्दों पर चुप क्यों हैं। उन्होंने कहा कि डेढ़ करोड़ हिंदू अपनी सुरक्षा और सम्मान की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनके समर्थन में कोई नहीं बोल रहा है।
कांग्रेस पर हमला: “वोट बैंक की राजनीति और मानवता का पतन”
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और कुछ तथाकथित सेकुलर ताकतों ने हमेशा से विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा दिया है। उनका कहना था कि वोट बैंक की चिंता में डूबे ये लोग मानवता को भुला चुके हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही ऐसे नेताओं ने “बांटो और राज करो” की नीति अपनाई और देश को विभाजन की ओर धकेल दिया।
बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कठोर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान की वास्तविकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान का या तो भारत में विलय होगा या फिर वह हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वी पाकिस्तान, जिसे आज बांग्लादेश के रूप में जाना जाता है, वहां वही घटनाएँ हो रही हैं जो विभाजन के समय हुई थीं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों, आगजनी, मंदिरों में तोड़फोड़, लूटपाट, और महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
विभाजन का इतिहास और कांग्रेस की भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने देश को विभाजन की त्रासदी दी। उन्होंने कहा कि जब 14 अगस्त 1947 को देश के विभाजन की त्रासदी हो रही थी, तब कांग्रेस के नेता 15 अगस्त को आजादी का जश्न मना रहे थे। उस समय लाखों लोग अपनी मातृभूमि और परिवारों को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए थे। उन्होंने इतिहास को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि यह केवल अध्ययन का विषय नहीं है, बल्कि इससे हमें सबक लेना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने अपने इस बयान के माध्यम से स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता, और देशवासियों को इन त्रासदियों को याद रखकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।

