बस्ती, उप्र, कबीर तिवारी की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई अब भी अधूरी है, और इस संघर्ष में नया मोड़ 15 अगस्त को आने वाला है, उनके बड़े भाई विवेक नारायण तिवारी ने कप्तानगंज चौराहे से दिल्ली गृह मंत्रालय तक पद यात्रा का ऐलान किया है। न्याय की इस मांग को लेकर गांव के लोगों ने भी आज कबीर तिवारी आश्रम तक मशाल जुलूस निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
यह घटना 9 अक्टूबर 2019 की है, जब कबीर तिवारी की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या ने पूरे बस्ती क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था। बावजूद इसके, अब तक इस मामले में न्याय नहीं मिल पाया है। इस देरी और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को देखते हुए ग्रामीणों ने CBI जांच की मांग को जोर-शोर से उठाया है। मशाल जुलूस के दौरान ग्रामीणों ने ‘कबीर तिवारी को न्याय दो’ और ‘दिल्ली चलो’ जैसे नारे लगाकर सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर खींचने की कोशिश की।

कबीर तिवारी के परिवार का कहना है कि वे न्याय के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे। उनके भाई ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर न्याय की इस लड़ाई को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया है। दिल्ली तक पद यात्रा का आयोजन इसी उद्देश्य से किया जा रहा है कि इस मामले में निष्पक्ष और गहन जांच की मांग को सरकार और प्रशासन के सामने मजबूती से रखा जा सके।
मशाल जुलूस में शामिल लोगों का मानना है कि इस मामले की CBI जांच करवाई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सज़ा मिले। ग्रामीणों ने भी इस पद यात्रा में शामिल होने का संकल्प लिया है, ताकि कबीर तिवारी के परिवार को न्याय मिल सके और उनके संघर्ष को एक नई दिशा मिल सके।

कबीर तिवारी हत्या मामला न केवल एक व्यक्ति की हत्या का मामला है, बल्कि यह न्यायिक प्रणाली पर विश्वास की लड़ाई भी बन चुका है।

