जनपद बस्ती के ग्राम पंचायत तिलकपुर स्थित ग्राम सभा गंगापुर प्रथम के प्राथमिक विद्यालय में हाल ही में एक गंभीर समस्या सामने आई है। विद्यालय के नल से हड्डी और मांस के साथ दूषित जल निकलने की सूचना मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस मामले में प्रधानाध्यापिका रचना सागर ने खंड शिक्षा अधिकारी, कप्तानगंज को लिखित शिकायत भेजी है और समस्या के समाधान की अपील की है।
प्रधानाध्यापिका रचना सागर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उन्होंने दूषित जल की समस्या को लेकर नल की मरम्मत और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित कर्मचारियों और ग्राम प्रधान को सूचित किया था। इसके बावजूद, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और नल से निकलने वाला जल विद्यालय के बच्चों और ग्रामीणों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन गया है।
रचना सागर ने बताया कि विद्यालय में दूषित जल की उपस्थिति से बच्चों और ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए, नल के पानी का उपयोग पूरी तरह से वर्जित कर दिया गया है। प्रधानाध्यापिका ने इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। उन्होंने नल के पानी की शुद्धता की प्रमाणिक जानकारी मिलने तक, इसे विष के समान मानते हुए उपयोग से रोक दिया है।

वहीं, इस मामले में सेक्रेटरी सुमन देवी के गैर-जिम्मेदाराना बयान ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया। उनके बयान के बाद लोगों का गुस्सा और असंतोष साफ देखा जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि सेक्रेटरी का बयान समस्या की गंभीरता को नजरअंदाज करता है और उचित समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
प्रधानाध्यापिका रचना सागर के शिकायत के बाद, यह उम्मीद जताई जा रही है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही इस मामले का समाधान करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करने की बात कही है ताकि दूषित जल की समस्या को शीघ्र सुलझाया जा सके और विद्यालय के बच्चों और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह मामला ग्राम पंचायत तिलकपुर के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है और इसके समाधान में देरी स्वास्थ्य संकट को और बढ़ा सकती है। अब सबकी नजरें अधिकारियों की ओर हैं, जो उम्मीद की जा रही है कि वे इस गंभीर समस्या को शीघ्र सुलझा देंगे और जनता की समस्याओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

