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जनपद बस्ती में एक बार फिर उबाल: पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कबीर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर विवेक नारायण तिवारी की दिल्ली पैदल यात्रा

जनपद बस्ती में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य नारायण तिवारी कबीर की हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कबीर की 9 अक्टूबर 2019 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

बस्ती, जनपद बस्ती में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य नारायण तिवारी कबीर की हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कबीर की 9 अक्टूबर 2019 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद तत्कालीन कानून मंत्री और वर्तमान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, साथ ही केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और अन्य बड़े राजनीतिक नेता कबीर के घर तक पहुंचे थे, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।

कबीर तिवारी के परिवार की ओर से हाल ही में इस हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग उठाई गई है। विवेक नारायण तिवारी, कबीर के बड़े भाई, ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से यह घोषणा की कि वे 15 अगस्त को बस्ती से दिल्ली तक पैदल यात्रा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य सीबीआई जांच की मांग को लेकर दबाव बनाना है।

विवेक नारायण तिवारी ने अपने पोस्ट में कबीर के शुभचिंतकों और जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे इस आंदोलन में उनका साथ दें। उनका कहना है कि मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे न्याय की उम्मीदें कम हो गई हैं। तिवारी का आरोप है कि आरोपियों को अभी तक सजा नहीं मिल पाई है, और इससे पीड़ित परिवार को निराशा और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने और मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने चाहिए। बस्ती में कबीर तिवारी के समर्थक और स्थानीय निवासी भी विवेक नारायण तिवारी के समर्थन में आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे समाज का है, और इस पर न्याय की आवश्यकता है।

15 अगस्त को विवेक नारायण तिवारी की दिल्ली पैदल यात्रा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकती है, जो इस हत्याकांड की जांच की दिशा को प्रभावित कर सकती है। उनके इस कदम से न केवल कबीर तिवारी के परिवार को न्याय की उम्मीदें बढ़ी हैं, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे एक परिवार न्याय के लिए संघर्ष कर सकता है और समाज की मदद से बड़े बदलाव ला सकता है।

कबीर तिवारी के मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर यह आंदोलन निश्चित रूप से राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को प्रभावित कर सकता है। अब यह देखना होगा कि सरकार और संबंधित अधिकारी इस मामले पर किस तरह की कार्रवाई करते हैं और क्या विवेक नारायण तिवारी की यात्रा इस दिशा में कुछ सकारात्मक परिवर्तन ला सकेगी।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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