दिनांक 9 अगस्त, 2024, शुक्रवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं जैसे पुरानी पेंशन की बहाली, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, और स्थानांतरण नीति के सरलीकरण आदि के समाधान के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने भाग लिया।
दिन के लगभग 4:00 बजे, सभी प्रतिभागी डीआईओएस कार्यालय, बस्ती के प्रांगण में अपनी मोटरसाइकिल और स्कूटी के साथ एकत्रित हुए। 4:30 बजे, भारी संख्या में उपस्थित शिक्षकों ने ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’, ‘जो पेंशन की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा’, और ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाते हुए रैली की शुरुआत की। यह रैली राजकीय इंटर कॉलेज, गांधीनगर, कंपनी बाग होते हुए शास्त्री चौक पहुंची और अंत में जिलाधिकारी कार्यालय पर जाकर समाप्त हुई। वहाँ भी शिक्षकों ने अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखने के लिए जोरदार नारेबाजी की।
रैली के बाद, शिक्षकों ने जिलाधिकारी को अपनी 23 सूत्रीय मांग-पत्र प्रस्तुत किया, जिसे मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित किया गया था। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में, एसडीएम सदर ने यह मांग-पत्र स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि इसे जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में एकत्रित शिक्षकों को संबोधित करते हुए संगठन के कार्यकारी ज़िलाध्यक्ष डॉ. विकास भट्ट कामिल ने शिक्षकों को आगाह किया कि यदि वे संगठित नहीं हुए, तो सरकार द्वारा उनकी उपलब्धियों को छीनने की कोशिशें जारी रहेंगी, जिससे उनकी स्थिति समाज में अत्यंत दयनीय हो सकती है। संगठन के जिला मंत्री गिरीश चंद्र चौबे ने बताया कि यह संघर्ष का दूसरा चरण है, इससे पहले 25 जुलाई 2024 को एक विशाल धरना आयोजित किया गया था और जिला विद्यालय निरीक्षक, बस्ती के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांग-पत्र प्रेषित किया गया था। रैली में उपस्थित शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्रता से विचार नहीं किया गया, तो वे और बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने सदन में बैठे नेताओं और मंत्रियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे स्वयं पेंशन ले रहे हैं, लेकिन शिक्षकों और कर्मचारियों को इससे वंचित रखा जा रहा है। उनका यह दोहरा मापदंड लंबे समय तक नहीं चलेगा, और आगामी लोकसभा चुनाव में शिक्षक और उनके परिवार उन्हें इसका कड़ा सबक सिखाने के लिए तैयार हैं।
इस मोटरसाइकिल रैली में प्रमुख रूप में माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ विकास भट्ट कामिल, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री गिरीश चंद्र चौबे, अरुण कुमार सिंह, दिनेश कुमार तिवारी, सर्वेंद्र नारायण द्विवेदी, दुर्गेश यादव कोषाध्यक्ष उमाकांत शुक्ला, शिव प्रकाश सिंह, अनिल पाठक, राम प्यारे कनौजिया आज्ञाराम यादव, प्रधानाचार्य संजय कुमार द्विवेदी, प्रेमनाथ विश्वकर्मा, हेमंत कुमार चौधरी, जेपी ओझा, शंभूनाथ वर्मा, कुंवर सेन, रामेंद्र पाण्डेय, कुलदीप विश्वकर्मा, सुरेश गौड़, हृदय, अनुराग श्रीवास्तव, प्रवीन श्रीवास्तव, पंकज निरंजन, कुलदीप वर्मा, जावेद अहमद, विबुधेश त्रिपाठी, संजय कुमार पाण्डेय, राजेश यादव, ओकांश सिंह, जेपी विश्वकर्मा, छोटेलाल, आदि शिक्षक मौजूद रहे।

