उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पीए बनकर एक गरीब मजदूर से ढाई लाख रूपए ठग लिए। पीड़ित मजदूर ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है और इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ठगी का तरीका
हरखौलिया गांव के निवासी सोनदेव के पास कुछ समय पूर्व अलग-अलग नम्बरों से फोन आया करता था। फोन करने वाला व्यक्ति स्वयं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पीआरओ बताता था। उसने सोनदेव को बताया कि उसे और उसके रिश्तेदारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित कर लिया गया है। हालांकि, इसके लिए कुछ अग्रिम धनराशि की आवश्यकता होगी।
पैसा जमा करने का प्रलोभन
सोनदेव को झांसे में लाकर उस व्यक्ति ने उससे कहा कि चयनित होने के लिए कुछ धनराशि उसके द्वारा बताए गए खाते में जमा करनी होगी। सोनदेव ने विश्वास में आकर और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए ढाई लाख रुपए विभिन्न खातों में भेज दिए।
सच्चाई का पता चलने पर
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी सोनदेव को आवास योजना का कोई लाभ नहीं मिला, तो उसने दोबारा उस नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया। लेकिन तब तक उस व्यक्ति ने फोन उठाना बंद कर दिया था।
पुलिस कार्रवाई
पीड़ित सोनदेव ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले की शिकायत की है। एसओ लालगंज, सुनील कुमार गौंड ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि ठग कितनी चालाकी से गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशाना बना सकते हैं। लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल पर बिना जांचे-परखे पैसे नहीं भेजने चाहिए। सरकारी योजनाओं के बारे में सही जानकारी के लिए संबंधित सरकारी कार्यालयों से संपर्क करना चाहिए। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उम्मीद है कि पीड़ित को न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा दी जाएगी।

