उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की तेज रफ्तार गाड़ी ने कांवड़ियों को रौंद दिया, जिसमें एक किशोरी की मौत हो गई और तीन अन्य कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का शिकार सभी कांवड़िए नाबालिग थे। घायलों को तत्काल लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
हादसे का विवरण
यह हादसा तब हुआ जब महमूदाबाद से भगौली, बाराबंकी स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों का जत्था जा रहा था। जयरामपुर गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें रौंद दिया। इस हादसे में किशोरी कांवड़िया नेहा की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायल कांवड़िए अरुण (14), रजनी (12), और सजनी (16) की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
हादसे के बाद हंगामा
घटना के बाद कांवड़ियों में आक्रोश फैल गया। वे नेहा के शव को लेकर सड़क पर आ गए और जमकर बवाल करने लगे। हंगामे की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और चार अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा, लेकिन परिवार वाले तत्काल वाहन को पकड़ने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
कांवड़ियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और वाहन की तलाश में जुट गई। कुछ देर बाद पुलिस ने वाहन को बरामद कर लिया। इस दौरान कांवड़िए सड़क पर बैठे रहे और लगभग दो से तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा। वाहन भारतीय जनता पार्टी के नेता संतोष सिंह का बताया जा रहा है। पुलिस द्वारा वाहन की बरामदगी के बाद कांवड़ियों का गुस्सा शांत हुआ और वे सड़क से हट गए।
सामुदायिक प्रतिक्रिया
इस हादसे ने स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। कांवड़ियों के साथियों और परिवार वालों ने इस घटना को बेहद दर्दनाक और अस्वीकार्य बताया है। सभी कांवड़िए महमूदाबाद से भगौली, बाराबंकी जलाभिषेक करने जा रहे थे और इस हादसे ने उनके बीच भय और नाराजगी का माहौल बना दिया है।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है, खासकर धार्मिक यात्राओं के दौरान।

