जयपुर, राजस्थान – अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की केंद्रीय किसान काउंसिल (सीकेसी) की दो दिवसीय बैठक 3 अगस्त, 2024 को जयपुर के स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट (एसआईएएम) में शुरू हुई। इस बैठक में देशभर से सीकेसी के 70 से अधिक सदस्य हिस्सा ले रहे हैं।
अध्यक्षीय संबोधन और महासचिव की रिपोर्ट
बैठक की शुरुआत एआईकेएस के अध्यक्ष अशोक धवले के अध्यक्षीय संबोधन से हुई। इसके बाद कोषाध्यक्ष विजू कृष्णन ने महासचिव की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में देशभर में जारी कृषि संकट और केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। सीकेसी ने आगामी आंदोलनों और विरोध कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की।
वायनाड बाढ़ पर शोक प्रस्ताव और राहत कार्यों की सराहना
सीकेसी ने केरल के वायनाड में हुई विनाशकारी बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रस्ताव पारित किया। बैठक में वायनाड में जारी राहत कार्यों में सहयोग और फंसे हुए लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे किसान सभा के कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की गई।

राहत के लिए आर्थिक योगदान
एआईकेएस और उसकी केरल राज्य काउंसिल-केरल कृषक संघम ने राहत प्रयासों में 1 करोड़ रुपए देने का फैसला किया है। इसके अलावा, तमिलनाडु के सीकेसी सदस्यों ने भी 1 लाख रुपए का चेक किसान सभा केंद्र को दिया है। यह योगदान बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए किए जा रहे प्रयासों को और भी मजबूत बनाएगा।
फंड इकट्ठा करने का आह्वान
अखिल भारतीय किसान सभा ने वायनाड बाढ़ के पीड़ितों के लिए 10 अगस्त, 2024 को जनता से फंड इकट्ठा करने का आह्वान किया है। यह प्रयास बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित और आवश्यक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।
केंद्रीय किसान काउंसिल की इस बैठक ने कृषि संकट और बाढ़ राहत कार्यों पर गंभीर चर्चा की और महत्वपूर्ण निर्णय लिए। आने वाले समय में एआईकेएस के नेतृत्व में किसानों के हितों की रक्षा और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि अखिल भारतीय किसान सभा किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है।

