जौनपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद बाबू सिंह कुशवाहा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत शिकंजा कस दिया है। लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में स्थित उनकी करोड़ों की भूमि पर ईडी की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची है।
ईडी की कार्रवाई और भूमि जब्ती
ईडी की टीम ने बाबू सिंह कुशवाहा की करीब 40 बीघा जमीन पर कार्रवाई की है और वहां बोर्ड लगा दिए हैं। यह जमीन कानपुर रोड पर स्कूटर इंडिया के सामने स्थित है। टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए बुलडोजर भी साथ लाए थे। यह कार्रवाई बहुजन समाज पार्टी की सरकार में हुए नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है।
एनआरएचएम घोटाला और बाबू सिंह कुशवाहा की संलिप्तता
2007 में मायावती की सरकार के दौरान बाबू सिंह कुशवाहा मंत्री थे और उनके कार्यकाल में यूपी में एनआरएचएम घोटाला हुआ था। वर्ष 2005 में केंद्र की यूपीए सरकार ने नेशनल रूरल हेल्थ मिशन स्कीम शुरू की थी, जिसमें मायावती सरकार पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इस घोटाले के चलते यूपी के दो सीएमओ डॉ विनोद आर्य और डॉ बी पी सिंह की हत्या 2010 और 2011 में लखनऊ में हुई थी। बाद में इसी मामले में जेल में बंद डिप्टी सीएमओ डॉ वाई एस सचान भी मृत पाए गए थे।
बाबू सिंह कुशवाहा पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस
बाबू सिंह कुशवाहा इस मामले में आरोपी हैं और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी चल रहा है। इसी सिलसिले में ईडी की टीम ने लखनऊ में उनकी करोड़ों की संपत्ति को जब्त करने के लिए कार्रवाई की। कुशवाहा एनआरएचएम घोटाले में पहले भी जेल जा चुके हैं।
समाजवादी पार्टी का संसदीय दल
बाबू सिंह कुशवाहा लोकसभा में समाजवादी पार्टी संसदीय दल के उपनेता हैं। इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं और पार्टी के नेता इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक नेताओं के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को उजागर किया है। ईडी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच और कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।

