Homeदेश - विदेशहमास चीफ इस्माइल हनियेह की मौत: एक रहस्यमय हत्याकांड

हमास चीफ इस्माइल हनियेह की मौत: एक रहस्यमय हत्याकांड

हमास चीफ इस्माइल हनियेह एयरस्ट्राइक में नहीं, बल्कि एक सुनियोजित बम विस्फोट में मारा गया

वाशिंगटन: हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि हमास चीफ इस्माइल हनियेह एयरस्ट्राइक में नहीं, बल्कि एक सुनियोजित बम विस्फोट में मारा गया है। इससे पहले इजरायली एयरस्ट्राइक में उनके मारे जाने की अफवाहें थीं, मगर अब रिपोर्ट्स के अनुसार, हनियेह की मौत दो महीने से अधिक समय से तेहरान के पॉश इलाके में इंतजार कर रही थी।

सुनियोजित बम विस्फोट

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, हनियेह और उनके अंगरक्षक जैसे ही तेहरान में एक गेस्टहाउस में पहुंचे, वहां बम विस्फोट कर दिया गया। इस बम को दो महीने पहले ही उनके कमरे में छिपाकर फिट किया गया था। ईरानी अधिकारियों ने इस विस्फोट के लिए इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद पर आरोप लगाया है।

ईरान की सुरक्षा में चूक

ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इस्माइल हनियेह की हत्या के पीछे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ हो सकता है। हनियेह के घर में पहले से ही बम फिट कर दिया गया था, और उनके आगमन पर रिमोट से विस्फोट किया गया। यह बम इतनी चालाकी से लगाया गया था कि ईरानी सुरक्षा एजेंसी इसे पहले नहीं पकड़ सकी।

हत्याकांड के बाद की स्थिति

इस घटना के बाद ईरान में भारी तनाव का माहौल बन गया है। ईरानी अधिकारियों को इस बात से शर्मिंदगी उठानी पड़ी कि वे इतने समय तक बम को कैसे नहीं पकड़ सके। हनियेह की मौत के बाद इजरायल-हमास संघर्ष में नई हिंसा की लहर उठने की संभावना बढ़ गई है। हमास ने इसे “तेहरान में हनियेह के आवास पर यह विश्वासघाती ज़ायोनी हमला” करार दिया है।

मोसाद का संभावित हाथ

मोसाद, जो इजराइल की खुफिया एजेंसी है, को अक्सर देश के बाहर हत्याओं का काम सौंपा जाता है। मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने 7 अक्टूबर के हमलों के बाद हमास नेताओं को खत्म करने की कसम खाई थी। इस घटना से पहले भी मोसाद ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में फिलिस्तीनी गुर्गों द्वारा 11 इजरायली एथलीटों की हत्याओं का बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन रैथ ऑफ गॉड’ चलाया था, जो बेहद सफल रहा था।

इस्माइल हनियेह की हत्या ने मध्य पूर्व में एक नई लहर को जन्म दिया है। इस हत्याकांड के पीछे की साजिश और इसके अंजाम देने वालों के बारे में अभी भी कई सवाल हैं। ईरानी अधिकारियों की चूक और इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के संभावित हाथ के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है, मगर यह घटना भविष्य में और भी गंभीर घटनाओं का संकेत हो सकती है।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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