उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एस. दुबे ने सख्त एक्शन लेते हुए एक सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और दो पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कुल 17 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनका एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया।
सीएचसी परशुरामपुर का निरीक्षण
सीएचसी परशुरामपुर में डॉ. दुबे ने ओपीडी, इमरजेंसी, पैथालॉजी समेत अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उपस्थिति पंजिका की जांच करने पर वार्ड बॉय शेष कुमार, रमाकांत चौधरी और मंगलेश, आयुष चिकित्सक माधव मिश्रा, और फार्मासिस्ट प्रेम प्रकाश अनुपस्थित पाए गए।
पीएचसी जगदीशपुर का निरीक्षण
पीएचसी जगदीशपुर पर डॉ. श्यामकृष्ण वैश्य, फार्मासिस्ट संजय कुमार, एएनएम सीमा, अजय लक्ष्मी और दुर्गा शुक्ला, स्टाफ नर्स दीपिका, अनिल मिश्रा काउंसलर, स्टाफ नर्स दिनेश, सुमन, शोभा वर्मा, आशुतोष एसटीएस और विवेक पांडेय डीईओ अनुपस्थित मिले।
सिकंदरपुर पीएचसी का निरीक्षण
सिकंदरपुर पीएचसी का निरीक्षण करने पर डॉ. दुबे को सभी चिकित्सक और कर्मी उपस्थित मिले। हालांकि, फार्मासिस्ट हरिराम का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि ड्रेसिंग रूम मानक के अनुसार नहीं पाया गया और संबंधित को निर्देश दिया कि जिला अस्पताल में दो दिन की विशेष ट्रेनिंग कराई जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई और दिशा-निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एस. दुबे ने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यों में सुधार करें और सुनिश्चित करें कि सभी कर्मी समय पर उपस्थित रहें। इसके अलावा, ड्रेसिंग रूम को मानक के अनुसार बनाने और संबंधित कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग देने का निर्देश भी दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एस. दुबे की इस सख्त कार्रवाई ने स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली पर जोरदार संदेश दिया है। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में इस तरह की औचक निरीक्षणों के जरिए प्रशासन की सतर्कता और कड़ी निगरानी बनी रहेगी।

