मैनपुरी: उत्तर प्रदेश में बुलडोजर का एक्शन जारी है। इस बार समाजवादी पार्टी के नेता और करहल नगर पंचायत के चेयरमैन अब्दुल नईम के अवैध रिसॉर्ट को मैनपुरी जिला प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि रिसॉर्ट सरकारी तालाब की जमीन पर बना था, जिसका ध्वस्तीकरण रविवार को जिले के तमाम बड़े अफसरों, पुलिस और पीएसी बल की मौजूदगी में किया गया। भारी पुलिस और पीएसी बल की तैनाती के कारण आसपास के इलाके में सन्नाटा पसरा रहा।
शिकायत और जांच की प्रक्रिया
पिछले साल करहल के पूर्व चेयरमैन संजीव यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस अवैध रिसॉर्ट की शिकायत की थी। सीएम योगी ने जिलाधिकारी मैनपुरी को मामले की जांच करने का आदेश दिया था। इसके बाद डीएम ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया।
तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई
जांच में यह पाया गया कि रिसॉर्ट चेयरमैन अब्दुल नईम की पत्नी के नाम पर है। तहसीलदार करहल की कोर्ट में सुनवाई के दौरान तथ्य सही पाए गए और 2 सितंबर 2023 को तहसीलदार ने रिसॉर्ट को अवैध मानते हुए इसे ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
जिलाधिकारी का आदेश
इस आदेश के खिलाफ चेयरमैन नईम की पत्नी फरजाना बेगम ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि उनका पक्ष नहीं सुना गया। जिलाधिकारी ने जांच के बाद फरजाना बेगम की शिकायत को गलत पाया और तहसीलदार के रिसॉर्ट ध्वस्तीकरण के आदेश को बरकरार रखा।

सीएम के आदेश के बाद कार्रवाई
ध्वस्तीकरण में हो रही देरी के चलते पूर्व चेयरमैन संजीव यादव ने फिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर कार्रवाई में तेजी लाने की मांग की। सीएम योगी ने डीएम मैनपुरी को जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिले के अधिकारियों में हलचल बढ़ गई। रविवार को करहल एसडीएम नीरज द्विवेदी, सीओ संतोष कुमार और कई थानों व पीएसी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लगभग आधा दर्जन बुलडोजर का प्रयोग करते हुए रिसॉर्ट को ढहा दिया।
अद्यतन जानकारी
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। समाजवादी पार्टी के नेता का यह रिसॉर्ट सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाया गया था, जिसे अब ध्वस्त कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह संदेश गया है कि अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

