बस्ती । गुरुवार को भारतीय किसान संघ (भाकियू) ने गौरीशंकर चौधरी के नेतृत्व में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर बस्ती सदर तहसील परिसर में किसान पंचायत का आयोजन किया। इस पंचायत में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उप्र सदर ने किसान पंचायत में आश्वासन दिया कि वाल्टरगंज चीनी मिल पर गन्ना किसानों और श्रमिकों का भुगतान जुलाई माह में कराया जाएगा। पूर्व में लगभग 30 करोड़ का भुगतान बकाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल पर किसान पंचायत को ध्वस्त कर दिया गया।
किसान पंचायत में निम्नलिखित मांगों पर चर्चा की गई:
- गन्ना मूल्य का तत्काल भुगतान।
- धान की बुवाई के लिए नहरों में पानी भरना।
- जंगली और आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा।
- फसल बीमा में निजी कंपनियों के लिए सरकार द्वारा प्रीमियम जमा करवाना।
- सरकारी नलकूपों को ठीक से संचालित करवाना।
- कृषि कार्य के लिए किसानों को मुफ्त कनेक्शन दिलाना।
- सहारा के पौधों का भुगतान करवाना।
- वर्षा या वसीयत के नाम पर धन उगाही पर रोक लगाना।
भाकियू के पूर्वांचल अध्यक्ष अनूप चौधरी, क्षैतिज गौरीशंकर चौधरी, मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र कुमार चौधरी, बस्ती सदर तहसील अध्यक्ष रामफेर, डा. आर.पी. चौधरी, शोभाराम ठाकुर, जयराम चौधरी, रामचंद्र सिंह आदि ने किसान पंचायत को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकार किसान सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। जब तक आवश्यक कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक चरणबद्ध तरीके से किसान पंचायतें जारी रहेंगी। किसानों की समस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता है।
किसान पंचायत में त्रिवेणी चौधरी, दीप नारायण, विनोद कुमार चौधरी, ब्रम्हदेव चौधरी, पंचराम, रामपाल सिंह, राधेश्याम, सीताराम, राम सुरेमन, रमेश चंद्र, राम शव्द, कन्हैया प्रसाद, राजेंद्र कुमार, बगेदू, शिवसागर, रामभवन यादव, आज्ञाराम, महावीर, राम उग्रह, रविंद्र कुमार, मो. सुभावती देवी, परशुराम समेत भाकियू के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।
किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित इस पंचायत ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं तो आगे और भी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

